जब ब्रिटेन के अमीर आदमी का पड़ा भारत के योग से पाला | The Secrete Behind The Wonderful Story of Henry Sugar

यह कहानी है ब्रिटेन में रहने वाले एक ऐसे व्यक्ति हेनरी (Henry Sugar) की जो की अपने पिता की बदौलत बहुत अमीर होता है | यानी बिना किसी मेहनत के उसे उतनी संपत्ति मिल जाती है जितने का एक मध्यम वर्गीय परिवार सपना भी नहीं देखता |

एक बार किसी कारण से वह एक बड़ी सी लाइब्रेरी में आ जाता है जहां मोटी- मोटी पुस्तकों के बीच एक पतली सी पुस्तक मिलती है जो की किसी भारतीय डॉक्टर ने लिखी थी |
डॉक्टर अपनी उस बुक में एक ऐसे व्यक्ति का जिक्र करता है जो की भारत में ही एक सर्कस में काम करता था और आंखे बंद करके भी देख सकता था |
वह डॉक्टर खुद उसकी आंखें बंद करता है, एक ग्लू से उसकी आंखे चिपका देता है उसके उपर और भी चीज लगा कर उसकी आंखें इस तरह से सील करता है की उसे कुछ ना दिखे |

लेकिन जब डॉक्टर्स देखते हैं की वह व्यक्ति इतने सब तामझाम के बाद भी आराम से न सिर्फ चल रहा है बल्कि साइकिल भी चला रहा है तो वह चौंक जाते हैं और सोचते हैं की आगर यह टेक्नोलॉजी हमें मिल जाती है तो हम कितने अंधे लोगो की सहायता कर सकते हैं |
डॉक्टर सर्कस के बाद उस व्यक्ति से मिलता है और इसके पीछे का राज पूछता है |
ऐसे में वह व्यक्ति बताता है की उसने कहीं सुना था की एक साधु है जो हवा में कई फुट तक उठ जाता है| वह उन साधु से मिलने की योजना बनाता है और काफी कोशिशों के बाद वह उन सिद्ध योगी से मिल पाता है |

वही योगी उसे ध्यान की एक ऐसी क्रिया बताता है जिसकी सहायता से वह बंद आंखों से भी देखने की महारत हासिल करता है
इस क्रिया में एक चीज पर लंबे समय तक फोकस करने का अभ्यास किया जाता है |
यह सुनने में आसान है लेकिन मात्र 3 मिनट का फोकस एक जगह करने में उसे कई साल लग गए |
डॉक्टर और जानकारी पाने के लिए उस सर्कस वाले व्यक्ति से संपर्क करने का सोचता है तो उसे पता लगाता है की अब इस व्यक्ति का देहांत हो चुका है |

बुक समाप्त हो जाती है और हेनरी (Henry Sugar) सोचने लगता है | यही तो वो चीज है जो मुझे चाहिए अगर ऐसी क्षमता मैं भी हासिल कर लूं और ज्यादा नहीं बस बंद ताश के पत्तो को पढ़ सकूं तो मैं अपने पैसों को अपनी संपत्ति को कई गुना बड़ा सकता हूं |

यह सब सोच वह लालची अमीर व्यक्ति पूरी जी जान से अपने ध्यान को एक जगह केंद्रित करने में लग जाता है | कई दिनों तक वह एक बंद कमरे में बैठ कर अपना ज्यादातर समय इसी काम में लगाता है |
बहुत जरूरी होने पर ही वह अपने कमरे से बाहर निकलता है अपनी इस मेहनत के फल स्वरूप जो रिजल्ट उसे मिल रहे थे वो एक दम चौंकाने वाले निकले |

जैसा की योगी ने कहा था, कई हजार लोगो में से एक ऐसा होता है जो इन सिद्धियों को जल्दी पा लेता है और हेनरी वही एक व्यक्ति निकलता है | वह जल्द ही ध्यान की सहायता से बंद पत्तो को पढ़ने लगता है |
जब हेनरी (Henry Sugar) को विश्वास आ जाता है की अब वह बहुत ही कम समय में ताश के पत्ते को पढ़ सकता है तो वह एक कैसिनो जाता है जहां से योग के द्वारा मिली सिद्धि की सहायता से काफी रुपए जीत जाता है |

लोगो को उस पर शक न हो इसलिए वह अलग अलग रूप रख कर अलग अलग कैसिनो में जाता है और ढेरों डॉलर्स कमाता है |

लेकिन एक चीज जो हेनरी को आश्चर्यचकित करती है की इतने रुपए जीतने पर भी उसको कोई खुशी नहीं होती, जीतने का रोमांच अब खत्म हो चुका था | इतने गहन योग के बाद अब पैसों में भी उसका कोई मोह न रहा था | भले ही वो एक के बाद एक खेल जीत रहा हो लेकिन यह उसे अब समय बर्बादी लगने लगी |अपने मोहभंग के चलते एक दिन हेनरी अपने घर की छत पर जाता है और नोट उड़ानें लगता है जिससे थोड़ी ही देर में उसकी बिल्डिंग के नीचे बड़ी भीड़ इकट्ठी हो जाती है नोट लूटने के लिए आपस में लोग लड़ने लगते हैं | इसके चलते एक पुलिस वाला हेनरी के पास आता  है और इस सब को बंद करने को कहता है |

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जिस पर हेनरी (Henry Sugar) कहता है मेरा पैसा है मैं उड़ा रहा हूं तुम्हें क्या दिक्कत है, इस पर पुलिस वाला जवाब देता है की इससे व्यवस्था खराब हो रही है और अगर तुम्हारे पास इतने ही पैसे हैं तो तुम ऐसे लुटाने की जगह किसी चैरिटी में दान क्यों नहीं करते जिससे कई गरीब बच्चों और लोगो को स्कूल, हॉस्पिटल और भोजन मिल सकता है | पुलिस मैन की बात सुन हेनरी सोच में पड़ जाता है |

इसके बाद हेनरी एक योजना बनाता है जिससे वह सही तरीके से अपने पैसे सही जगह दान कर  सके | इसके बाद अपनी सारी संपत्ति इसी तरह दान कर वह अपनी योग साधना को पूरा करने में लग जाता है, और अंत में उस साधु की तरह हवा में उड़ना भी सीख जाता ह

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