Avatar 2 connection with Hinduism
Hinduism

Avatar 2 Movie का है हिन्दू धर्म (Hinduism) से गहरा कनेक्शन

आज Avatar Movie की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि यह मूवी सनातन धर्म ( Hinduism ) से बड़ा ही गहरा संबंध रखती है | साथ में जल्द ही इस मूवी का दूसरा भाग Avatar 2 भी आने वाला है जिसका पूरा नाम है Avatar The way of water |

Read More
Watch Doctor Strange in the Multiverse of Madness
Hinduism

Doctor Strange 2 : डॉक्टर स्ट्रैन्ज का है सनातन धर्म से इतना गहरा संबंध की जानकार चोंक जायेंगे आप

Doctor Strange 2 : आज डॉक्टर स्ट्रैन्ज फिल्म के जहाँ नये भाग Doctor Strange 2 की चर्चा हो रही है वहीं आज इसके हिन्दू धर्म (Hinduism) से कनेक्शन के बात भी जोरों पर है | इस फिल्म के सनातन धर्म से ऐसे कई लिंक्स हैं  जिनके बारें में जानकार शायद आप चोंक जाएँ | <img […]

Read More
What is Spirituality
Hinduism Spiritual Yoga

What is Spirituality with explanation | आध्यात्म क्या है ?

Know what is spirituality with explanation… आध्यात्म (Spirituality) का अर्थ है, अपने आप को जानना, पूरा – जानना (complete enquiry) | एक हैं जो दिख रहा है, एक है जो देख रहा है इन दोनों में से सबसे ज्यादा पास कौन है आपके? आध्यात्म (Spirituality) का अर्थ है, अपने आप को जानना, पूरा – जानना […]

Read More
Hinduism Spiritual Yoga

ध्यान क्या है? What is Dhyana?

ध्यान (Dhyana) है मृत्यु – मन की मृत्यु, मैं की मृत्यु, विचार का अंत| शुद्ध चैतन्य हो जाना, मगर दुर्भाग्य से आज के इस मॉडर्न एरा में ऐसा ध्यान मुग्ध हो पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है| हज़ारो योग पुरुष आये और चले गए लेकिन इस संसार में ध्यान के महत्व को बहुत ही कम […]

Read More
Bhagavad Gita
Hinduism Spiritual Yoga

Chapter 06, Verse 06 – Bhagavad Gita | अध्याय ०६ , श्लोक ०६ – भगवद गीता

Here is the translation and explanation of Chapter 06, Verse 06 from ancient hindu scripture Shrimad Bhagavad Gita. In this verse, Shri Krishna told about the Mind and his Control. अध्याय ०6, श्लोक 06 बन्धुरात्माऽऽत्मनस्तस्य येनात्मैवात्मना जितः।अनात्मनस्तु शत्रुत्वे वर्तेतात्मैव शत्रुवत् || ०६ || शब्दार्थ – मन उसका मित्र है, जिसने स्वयं अपने मन को जीत […]

Read More
Bhagavad Gita
Hinduism Spiritual

Chapter 02, Verse 47 – Bhagavad Gita | अध्याय ०२ , श्लोक ४७ – भगवद गीता

Here is the translation and explanation of Chapter 02, Verse 47 from ancient hindu scripture Shrimad Bhagavad Gita. In this verse, Shri Krishna told about the right way to do your Karma (duty/Work). अध्याय ०2, श्लोक 47 कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन |मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि || ०२.४७ शब्दार्थ – निश्चय ही तुम्हारा अधिकार तुम्हारे कर्म […]

Read More